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स्वतंत्रता
संग्राम
संग्रहालय,
लाल किला, (नई
दिल्ली)
लाल
किला, दिल्ली
स्थित
प्रमुख स्मारकों
में से एक है,
जिसका
निर्माण 1648 ई.
मे शाहजहॉं
द्वारा
करवाया गया
था। मुगल
साम्राज्य
के पतन के
बाद लाल
किले पर
ब्रिटिश
सेना का कब्जा
हो गया,
जिसमें
अनेक
संरचनाएं
तोड़ डाली
और नई
संरचनाओं
का निर्माण
किया। 1945-46 में,
एक फौजी
अदालत (कोर्ट
मार्शल) में
आर्इ.एन.ए. के
अधिकारियों
पर मुकदमा
चलाया गया
और न्यायालय
की
कार्यवाहियों
ने राष्ट्र
भर में इसके
प्रति रूचि
जगा दी।
कांग्रेस
ने आरोपी
शाहनवाज़
खान, पी.के.
सहगल और जी.एस.
ढिल्लों
के बचाव के
लिए वकीलों
की एक समिति
का गठन
किया। ये
दोषी पाए गए
लेकिन
देशभर में
फैले रोष के
मद्देनज़र
इन्हें
माफ कर दिया
गया।
15 अगस्त,
1947 को भारत के
प्रथम
प्रधानमंत्री
पंडित
जवाहर लाल
नेहरू ने
लाल किले की
प्राचीर से
राष्ट्रीय
ध्वज
फहराया। इस
प्रकार, लाल
किला स्वतंत्रता
और राष्ट्रीय
गौरव का
प्रतीक बन
गया। स्वतंत्रता
संघर्ष में
लाल किले
द्वारा
निभाई गई
भूमिका को
विचारगत
रखते हुए 1995
में एक दो
मंजिला
आर्मी बैरक
में स्वतंत्रता
संग्राम
संग्रहालय
की स्थापना
की गई। यह
संग्रहालय
भारतीय स्वतंत्रता
संघर्ष के
प्रमुख
चरणों की
झलक प्रस्तुत
करता है। स्वतंत्रता
संघर्ष के
निम्नलिखित
चरण/प्रकरण
संग्रहालय
में
प्रदर्शित
किए गए हैं:
1.
1857 के विद्रोह
की प्रारम्भिक
अवस्था
2.
प्रथम
भारतीय स्वतंत्रता
संग्राम - 1857 ई.
3.
बीच की अवधि
में भारत - 1858-1884 ई.
4.
कांग्रेस की
उत्पत्ति
- 1885-1905 ई.
5.
नरमपंथी और
चरमपंथी
चरण - 1906-1919 ई.
6.
गांधी युग
का प्रारम्भ
1920-1929 ई.
7.
सविनय
अवज्ञा
आंदोलन के
दौरान भारत
1930-1939 ई.
8.
भारत छोड़ो
आंदोलन - 1942 ई.
9.
इंडियन
नेशनल
आर्मी - 1942 ई.
10.
भारत
की स्वतंत्रता
प्राप्ति - 15
अगस्त, 1947
संग्रहालय
में, स्वतंत्रता
संघर्ष के
इतिहास को
छायाचित्रों,
दस्तावेजों,
चित्रों,
अश्मलेखों
और बन्दूकों,
पिस्तौलों,
तलवारों,
ढालों, बिल्लों,
पदकों,
चित्रावलियों,
प्रतिमाओं
इत्यादि
के माध्यम
से दर्शाया
गया है।
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