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हजारद्वारी
महल
संग्रहालय,
मुर्शिदाबाद
(पश्चिम
बंगाल)
हजारद्वारी
महल
संग्रहालय
बंगाल की
भूतपूर्व
राजधानी
मुर्शिदाबाद
में
हजारद्वारी
महल में स्थित
है।
मुर्शिदाबाद
सड़क मार्ग
से कोलकाता
से 219
किलोमीटर
की दूरी पर
स्थित है।
इसे
प्रसिद्ध
वास्तुकार
मैकलिओड
डंकन
द्वारा
ग्रीक (डोरिक)
शैली का
अनुसरण
करते हुए
नवाब
नाज़िम
हुमायूँ
जहॉं (1824-1838 ई.) के
शासन काल
में बनाया
था। इस महल
का नाम
हजारों से
भी अधिक
वास्तविक
और आभासी
द्वारों और
इसमें
मौजूद
विशाल
गलियारों
के कारण
पड़ा।
1985 में इस
महल के
बेहतर
परिरक्षण
के लिए
भारतीय
पुरातत्व
सर्वेक्षण
को सौंप
दिया गया।
यह
संग्रहालय
भारतीय
पुरातत्व
सर्वेक्षण
का सबसे
बड़ा स्थल
संग्रहालय
माना जाता
है और इसमें
बीस
दीर्घाएं
प्रदर्शित
हैं जिनमें 4742
पुरावस्तुएं
मौजूद हैं
जिनमें से
जनता के लिए 1034
पुरावस्तुएं
प्रदर्शित
की गई हैं।
पुरावस्तुओें
के संग्रह
में विभिन्न
प्रकार के
हथियार, डच,
फ्रांसिसी
और इतालवी
कलाकारों
द्वारा
बनाए गए तैल
चित्र,
संगमरमर की
मूर्तियॉं,
धातु की वस्तुएं,
चीनी
मिट्टी और
गचकारी की
मूर्तियॉं,
फरमान, विरल
पुस्तकें,
पुराने
मानचित्र,
पाण्डुलिपियाँ,
भू-राजस्व
के रिकार्ड,
पालकी
शामिल हैं
जिनमें से
अधिकतर 18वीं
और 19वीं
शताब्दियों
से सम्बंधित
हैं।
प्रवेश
शुल्क :
भारतीय
नागरिकों
के लिए 5/- रू.
और
विदेशियों
के लिए $ $2
अमरीकी
डालर या 100/- रू.
संग्रहालय
शुक्रवार
को बंद रहता
है। $
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