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पुरातत्वीय
स्थल
संग्रहालय,
श्री
सूर्यपहाड़
(जिला
गोलपारा,
असम)
श्री
सूर्यपहाड़
ब्रह्मपुत्र
घाटी के
निचले असम
में
गोलपारा
शहर से 14 कि.मी.
पूर्व में
स्थित है।
जैसा कि नाम
दर्शाता है,
यह संभवत:
अति
प्राचीन
काल से
सूर्य की
उपासना
करने वाले
सम्प्रदाय
से जुड़ा
था। यह स्थल
ब्राह्मण
देव-समूह के
अनेक शिला-उत्कीर्णन,
पत्थर को
काट कर बनाए
गए उपासना
वाले स्तूपों
और जैन
आस्थाओं के
तीर्थंकरों
के शिला-उत्कीर्णन
से भरपूर है
जो
प्रारंभिक
ईसाई काल (ईसवी)
से 12वीं
शताब्दी
ईसवी तक के
हैं।
इस स्थल
पर किए गए
पुरातत्वीय
उत्खनन
में 6-12वीं
शताब्दी
ईसवी के दो
मंदिर
परिसरों के
अवशेषों से
अनेक
पुरावस्तुएं
प्राप्त
हुई हैं। इन
उत्खननों
के माध्यम
से महत्वपूर्ण
टेराकोटा
कला
वस्तुएं और
पत्थर की
पुरावस्तुएं
संग्रहित
की गई हैं।
पाई गई
पाषाण
प्रतिमाओं
में एक
महिषासुरमर्दिनी
की मूर्ति,
कीर्तिमुखों
को दर्शाने
वाले
ताराकर
शिला-अंश,
विद्यादर,
सजावटी वस्तुएं,
टेराकोटा
पटिये, उत्कीर्णित
ईंटे इत्यादि
उल्लेखनीय
हैं।
संग्रहालय
की 173
पुरावस्तुओं
में, 93 वस्तुएं
तीन
दीर्घाओं
में
प्रदर्शित
की गई हैं।
खुले
रहने का समय :
10.00 बजे
पूर्वाह्न
से 5.00 बजे
अपराह्न तक
बंद
रहने का दिन -
शुक्रवार
प्रवेश
शुल्क :
संग्रहालय
में प्रवेश
नि:शुल्क
है।
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