|
क्र.सं. |
विवरण |
मूल्य
रू. |
|
1. |
सांची के
स्तूपों
पर इष्टयाग
(वोटिव)
लेखों की
तारीख,
रामप्रसाद
चन्दा (1919,
पुनर्मुद्रण
1998 ) |
90 |
|
2. |
विष्णु
के रूप,
पंडित बी.बी.
विद्याबिनोद
(1920,
पुनर्मुद्रण
1998) |
65 |
|
3. |
तालमाना
अथवा दृश्यमापी
विज्ञान,
टी.ए.
गोपीनाथ
राव (1920,
पुनर्मुद्रण
1998) |
115 |
|
4. |
नागरी
में
पुरातत्व
अवशेष और
उत्खनन,
डी.आर.
भंडारकर (1920,
पुनर्मुद्रण
1998) |
100 |
|
5. |
पुरातत्व
विज्ञान और
वैष्णव
परंपरा,
रामप्रसाद
चन्दा (1920,
पुनर्मुद्रण
1998) |
70 |
|
6. |
पालमपेट
के मन्दिर,
गुलाम
यजदनी (1922,
पुनर्मुद्रण
1998) |
80 |
|
7. |
तक्षशिला
में उत्खनन,
जौलियन में
स्तूप और
मठ, सर जॉन
मार्शल (1921,
पुनर्मुद्रण
1998) |
175 |
|
8. |
महोबा की 6
मूर्तिकलाएं,
के.एन.दीक्षित
(1921,
पुनर्मुद्रण
1998) |
55 |
|
9. |
शेख अब्दू-न-नबी
का मस्जिद,
मौलवी जफर
हसन (1921,
पुनर्मुद्रण
1998) |
60 |
|
10. |
निजामुद्दीन
के लिए एक
गाइड मौलवी
जफर हसन (1922,
पुनर्मुद्रण
1998) |
105 |
|
11. |
प्रांतीय
संग्रहालय,
लखनऊ में
हाल में
शामिल की
गई कुछ
मूर्तिकलाएं,
पं.
हीरानन्द
शास्त्री
(1922,
पुनर्मुद्रण
1998) |
75 |
|
12. |
दिल्ली
संग्रहालय
में खगोलीय
उपकरण, जी.आर.
केय (1921,
पुनर्मुद्रण
1998) |
80 |
|
13. |
अभिलेखों
में उल्लिखित
कन्नड़
कवि, टी.टी.
शर्मन (1924,
पुनर्मुद्रण
1998) |
75 |
|
14. |
भीमबार और
राजौरी के
पुरालेख,
रामचन्द्र
काक (1923,
पुनर्मुद्रण
1998) |
95 |
|
15. |
सारसेनिक
कला में ज्यामितीय
प्रणाली का
आरेख, ई.एच.
हान्किन (1925,
पुनर्मुद्रण
1998) |
110 |
|
16. |
भूमारा
में शिव
मन्दिर,
आर.डी.
बनर्जी (1924,
पुनर्मुद्रण
1998) |
105 |
|
17. |
पल्लवा
वास्तुकला,
भाग- I
(प्रारंभिक
अवधि), ए.एच.
लांगहर्स्ट
(1924,
पुनर्मुद्रण
1998) |
130 |
|
18. |
हिन्दू
खगोलशास्त्र,
जी.आर. केय (1924,
पुनर्मुद्रण
1998) |
140 |
|
19. |
बदायूं
में जामी
मस्जिद और
संयुक्त
प्रांत में
अन्य भवन,
जे.एफ. ब्लैकिस्टन
(1926,
पुनर्मुद्रण
1998) |
125 |
|
20 . |
तारा की
उत्पति और
सम्प्रदाय,
हीरानन्द
शास्त्री
(1925,
पुनर्मुद्रण
1998) |
80 |
|
21. |
रेवा का
बघेला
साम्राज्य,
हीरानन्द
शास्त्री
(1925,
पुनर्मुद्रण
1998) |
65 |
|
22. |
कुतुब:
दिल्ली पर
ऐतिहासिक
विवरण, जे.ए.
पेज (1926,
पुनर्मुद्रण
1998) |
275 |
|
23. |
त्रिपुरी
के हैहाया
और उनके स्मारक,
आर.डी.
बनर्जी (1931,
पुनर्मुद्रण
1998) |
295 |
|
24. |
प्रागैतिहासिक
और उत्तरवर्ती
काल की पत्थर
चित्रकला
और पुरालेख,
राय साहेब
मनोरंजन
घोष (1932,
पुनर्मुद्रण
1998) |
160 |
|
25. |
बादामी की
बसरिलीपस,
आर.डी.
बनर्जी (1928,
पुनर्मुद्रण
1998) |
180 |
|
26. |
महाबलीपुरम
में पल्लव
राजाओं की
दो
मूर्तियां
और पत्थर
के मंदिर
में पल्लवों
के शिलालेख,
राव बहादुर
एच. कृष्णा
शास्त्री
(1926,
पुनर्मुद्रण
1998) |
70 |
|
27. |
मांडले
में क्याउक्टावगी
बौद्ध
आकृति का
दौरा करने
पर अपने
महल को
छोड़ते हुए
राजा मिन्डन
का जुलूस (1865)
चैस
ड्यूरोसिली
(1925,
पुनर्मुद्रण
1990) |
110 |
|
28. |
13 त्रिवेन्द्रम
नाटकों की
भाषा और
लेखक,
हीरानन्द
शास्त्री
(1926,
पुनर्मुद्रण
1998) |
75 |
|
29. |
दिल्ली
पुरातत्व
संग्रहालय
में सुलेख
की
प्रतिलिपि,
खान साहब
मौलवी जफर
हसन (1926,
पुनर्मुद्रण
1998) |
85 |
|
30. |
भारतीय
संग्रहालय,
कलकत्ता
में
मूर्तिकला
के विशेष
संदर्भ में
पूर्वी
भारत में
कला का
प्रारंभ,
रामप्रसाद
चंद (1927,
पुनर्मुद्रण
1998) |
105 |
|
31. |
वैदिक काल
में सिंधू
घाटी,
रामप्रसाद
चंद (1926,
पुनर्मुद्रण
1998) |
60 |
|
32. |
सेन्ट्रल
(मध्य)
एशिया से
प्राज्ञपरमिता
पांडुलिपि
का अंश, पं.
बी.बी.
विद्याविनोद
(1927,
पुनर्मुद्रण
1998) |
70 |
|
33. |
पल्लव
वास्तुकला
(भाग- II)
मध्य अथवा
मामल्ला
काल, ए.एच.
लांघहर्स्ट
(1928,
पुनर्मुद्रण
1998) |
175 |
|
34. |
हमादान से
देरियस का
नया
पुरालेख
प्रो.ई.
हर्जफेल्ड
(1928,
पुनर्मुद्रण
1998) |
55 |
|
35. |
बलूचिस्तान
1925 में उत्खनन,
सामपुर
माउंड मास्तेग
और सोहार
डैम्बनाल,
एच.हरग्रीव्स
(1929,
पुनर्मुद्रण
1998) |
175 |
|
36. |
श्री ए.
एंग्लेड
और एल.वी. न्यूटन
द्वारा
पुलनी हिल्स
की डोल्मेन्स
(1928,
पुनर्मुद्रण
1998) |
80 |
|
37. |
औरेल स्टेन
द्वारा
वजीरिस्तान
और
नार्दर्न
बलूचिस्तान
में
पुरातत्व
संबंधी
यात्रा (1929,
पुनर्मुद्रण
1998) |
210 |
|
38. |
कुसानो (कुषाण)
सासानियन
सिक्के,
अर्नस्ट
हर्जफेल्ड
(1930,
पुनर्मुद्रण
1998) |
110 |
|
39. |
ल्हा-लून
मंदिर, स्पी-टी,
एच.ली.
शटलर्क्थ
(1929,
पुनर्मुद्रण
1998) |
65 |
|
40. |
पल्लव
वास्तुकला,
भाग- III
(उत्तरवर्ती
राजसिम्हा
काल) ए.एच.
लॉगर्स्ट
(1930,
पुनर्मुद्रण
1998) |
95 |
|
41. |
सिंधु
घाटी की
प्रागैतिहासिक
सभ्यता की
उत्तरजीविता,
रामप्रसाद
चंद (1929,
पुनर्मुद्रण
1998) |
80 |
|
42. |
सर ऑरेल स्टेन
द्वारा
सुपर स्वैट
और
निकटवर्ती
पहाड़ियों
की पुरातत्वीय
यात्रा (1930,
पुनर्मुद्रण
1998) |
280 |
|
43. |
सर औरेल स्टेन
द्वारा
गेदरोसिया
की पुरातत्वीय
यात्रा (1931,
पुनर्मुद्रण
1999) |
350 |
|
44. |
उड़ीसा
में अन्वेषण,
रामप्रसाद
चंद (1930,
पुनर्मुद्रण
1998) |
87 |
|
45. |
प्रांतीय
राजाओं को
छोड़कर इन्डो-मुस्लिम
इतिहास की
ग्रंथसूची,
खान बहादुर
मौलवी जफर
हसन (1932,
पुनर्मुद्रण
1998) |
80 |
|
46. |
ए. फाउचर
द्वारा
बौद्ध के
जन्म पर
चित्रकला (1934,
पुनर्मुद्रण
1998) |
90 |
|
47. |
दिल्ली
प्रान्त
में
संरक्षित
स्मारकों
पर सभी
कुरान
संबंधी और
गैर-ऐतिहासिक
शिलालेखों
का अभिलेख,
मौलवी
मुहम्मद
अशरफ हुसैन
(1936,
पुनर्मुद्रण
1999) |
150 |
|
48. |
सिंध में
खोज, एन.सी.
मजुमदार, (1934,
पुनर्मुद्रण
1999) |
320 |
|
49. |
एम. नजीम
द्वारा
बीजापुर
में
शिलालेख (1936,
पुनर्मुद्रण
1999) |
150 |
|
50. |
भारतीय
साहित्य
में
श्रावस्ती,
बी.सी. लॉ (1935,
पुनर्मुद्रण
1999) |
75 |
|
51. |
हड़प्पा
के पशु
अवशेष, बी.
प्रसाद (1936,
पुनर्मुद्रण
1999) |
115 |
|
52. |
कोटला
फिरोज शाह,
दिल्ली पर
संस्मरण
जे.ए. पेज और
मोहम्मद
हामिद
कुरैशी (1937,
पुनर्मुद्रण
1999) |
140 |
|
53. |
बिरूनी का
विश्व
वर्णन, ए.जेकी
वालिदी
लोगन (1934,
पुनर्मुद्रण
1999) |
150 |
|
54. |
नागार्जुनकोंडा,
मद्रास
प्रेसीडेन्सी
की बौद्ध
कलाकृतियां,
ए.एच.
लोघर्स्ट
(1938,
पुनर्मुद्रण
1999) |
195 |
|
55. |
पहाड़पुर,
बंगाल में
खुदाई, के.एन.
दीक्षित (1938,
पुनर्मुद्रण
1999) |
330 |
|
56. |
पागन में
आनन्द
मंदिर, चैस.
द्रयूरोइसिली
(1937,
पुनर्मुद्रण
1999) |
95 |
|
57. |
मोहन
जोदड़ो
लिपि के ''संख्या-संकेत''
एलन एस.सी.
रास (1938,
पुनर्मुद्रण
1999) |
95 |
|
58. |
प्राचीन
साहित्य
में राजगृह,
डॉ. बिमला
चर्न लॉ (1938,
पुनर्मुद्रण
1999) |
90 |
|
59. |
तक्षशीला
के पंच-अंकित
सिक्के,
एफ.एच.सी.
वाल्श (1939,
पुनर्मुद्रण
1999) |
280 |
|
60. |
प्राचीन
साहित्य
में कौशाम्बी,
बिमला चर्ण
लॉ (1939,
पुनर्मुद्रण
1999) |
80 |
|
61. |
अगरोहा,
पंजाब में
उत्खनन,
एच.एल.
श्रीवास्तव
(1952,
पुनर्मुद्रण
1999) |
100 |
|
62. |
पूर्णिया
के चांदी
के पंच-अंकित
मुद्रा
संग्रह, पी.एन.
भट्टाचार्य
(1940,
पुनर्मुद्रण
1999) |
145 |
|
63. |
वैकुण्ठपेरूमल
मन्दिर,
कांची की
ऐतिहासिक
मूर्तिकला,
सी.मीनाक्षी
(1941,
पुनर्मुद्रण
1999) |
150 |
|
64. |
स्वात
में उत्खनन
और
अफगानिस्तान
के ऑक्सस
क्षेत्रों
में खोज,
एवर्ट
बार्गर और
फिलीप राइट
(1941,
पुनर्मुद्रण
1999) |
130 |
|
65. |
तक्षशिला
की मणिका,
होरेस सी.बेक
(1941,
पुनर्मुद्रण
1999) |
130 |
|
66. |
नालंदा और
इसकी
शिलालेखीय
सामग्री,
हीरानन्द
शास्त्री
(1942,
पुनर्मुद्रण
1999) |
175 |
|
67. |
पंचाल और
उनकी
राजधानी
अहिछात्रा,
बी.सी. लॉ (1942,
पुनर्मुद्रण
1999) |
70 |
|
68. |
स्थलाकृतिक
और अन्य
टिप्पणियों
के साथ
पाषाण युग
के उपकरणों
का मैनले
संग्रहण, ए.
अयपन एवं
फ्रैंक पी.
मैनले (1942,
पुनर्मुद्रण
1999) |
135 |
|
69. |
अष्टदससहास्त्रिका
प्राज्ञपरमिता
और अज्ञात
पुस्तक का
सेन्ट्रल
एशियाई अंश,
स्टेन
कोनौ (1942,
पुनर्मुद्रण
1999) |
75 |
|
70. |
देवगढ़
में गुप्ता
मंदिर,
माधो सरूप
वत्स (1952,
पुनर्मुद्रण
1999) |
210 |
|
71. |
नागार्जुनकोंडा
1938 (टी.एन.
रामचन्द्रन,
1953,
पुनर्मुद्रण
1999) |
180 |
|
72. |
चम्बा
राज्य के
पुरावशेष
भाग- II
मध्यकालीन
और उत्तरवर्ती
शिलालेख 33
प्लेटों
के साथ, बी. च.
छाबरा, (1957,
पुनर्मुद्रण
1999) |
270 |
|
73. |
संस्कृत
साहित्य
और कला:
भारतीय
संस्कृति
का आईना, सी.
सिवराममूर्ति
(1955,
पुनर्मुद्रण
1999) |
210 |
|
74. |
कौशाम्बी
में उत्खनन
(1949-50), जी.आर.
शर्मा (1969) (स्टाक
में नहीं) |
|
|
75. |
नागार्जुनकोंडा
(1954-60) खंड- I,
आर.
सुब्रमण्यम(1975)
नागार्जुनकोंडा
(1954-60) खंड-II,
(प्रेस में) |
60 |
|
76. |
तेलकुपी,
डी. मित्रा 1969
(स्टाक
में नहीं) |
|
|
77. |
सिंधु
लिपि, पाठ,
शब्दानुक्रमणिका
और तालिका
आई महादेवन
(1977) |
250 |
|
78. |
लोथल - एक
हरप्पा
शहर (1955-62), एस. आर.
राव, खंड- I
(1979) खंड-II
(1985) |
115
160 |
|
79. |
राजेन्द्रचोला- I
के करन्दई
तमिल संगम
प्लेट, के.जी.
कृष्णन (1984) |
120 |
|
80. |
रत्नागिरी
(1958-61) देबाला
मित्रा खंड- I(1981)
रत्नागिरी
(1958-61) देबाला
मित्रा खंड-II
(1983) |
250 210 |
|
81. |
नेपाल के
प्रतिविम्ब,
कृष्ण देव
(1984) |
150 |
|
82. |
सतनीकोटा
के उत्खनन
(1977-80) एन.सी.घोष
(1986) |
150 |
|
83. |
दैमाबाद (1976-79)एस.ए.सली
(1986) |
400 |
|
84. |
पनटेल
काजी (प्राचीन
प्रानलका)
की गुफाएँ
एम.एन.
देशपांडे (1986) |
150 |
|
85. |
नागदा (1955-57), एन.आर.
बनर्जी (1986) |
170 |
|
87. |
सुरकोटाडा
में उत्खनन
और कच्छ
में खोज जे.पी.
जोशी (1990) |
325 |
|
88. |
श्रृंगवरपुरा
में उत्खनन
(1977-86), खंड- I,
बी.बी. लाल (1993) |
600 |
|
89. |
भगवानपुरा
में उत्खनन
(1975-76), जे.पी.
जोशी,(1993) |
560 |
|
90. |
कावेरीपट्टिनम
उत्खनन (1963-73)
के.वी. सुन्दरराजन
(1994) |
300 |
|
91. |
अंकोरवाट-
संरक्षण
में भारत
का योगदान
(1986-73), बी.
नरसिम्हैया
(1994) |
500 |
|
92. |
मलवान में
उत्खनन,
एफ.आर. अल्लचिन
एवं जे.पी.
जोशी (1995) |
250 |
|
93. |
सन्नाथी
में उत्खनन
(1986-89), जेम्स
होवेल (1955) |
325 |
|
94. |
पिपरहवा
और गनवरिया
में उत्खनन,
के.एम.
श्रीवास्तव
(1996) |
660 |
|
95. |
तुलजापुर
गढ़ी में
उत्खनन (1984-85)
बी.पी.
बोपारदिकर
(1996) |
180 |
|
97. |
पौनी में
अतिरिक्त
उत्खनन (1994),
अमरेन्द्रनाथ
(1998) |
275 |
|
98. |
कालीबन्गन
- प्राचीन
हड़प्पन
में उत्खनन
(1961-69) बी.बी. लाल
आदि (2003) |
1000 |
|
99. |
आदम में
उत्खनन (1988-1992)
अमरेन्द्रनाथ
(प्रेस में) |
|